वेब स्टोरी क्या है? वेब स्टोरी के फ़ायदे

 नमस्कार दोस्तों आज हम बात करने वाले वेब स्टोरी के बारे में जैसे की वेब स्टोरी क्या है? ( What Is Web Stories In Hindi ) वेब स्टोरी किसे कहते है? तो आपके मन में भी ये सवाल है तो आपको आपके सवालों का जवाब इस पोस्ट में जरूर मिलेगा। 


वेब स्टोरी - Google Web Stories


परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है यानिकि हर किसी को समय के अनुसार अपडेट होते रहना चाहिए गूगल भी इस साल एक बड़ा अपडेट लेकर आया है और वो गूगल वेब स्टोरी है गूगल समय समय पर कुछ ना कुछ अपडेट लाता है जिसका फायदा कॉन्टेन प्रकाशनों को भी और इंटरनेट का इस्तमाल करने वाले उपयोकर्ता को भी मिलताआ है।

google Web stories kya hai


Tik Tok के आने के बाद इंटरनेट की दुनिया में शॉर्ट्स विडिओ बहुत ज्यादा पसंद किये जाते है और आज लोग पढ़ने से ज्यादा देखना पसंद करते है जिसकी वजह से Facebook, Youtube सबसे शॉर्ट्स वीडियो को लॉन्च किया जबकि गूगल ने भी वेब साइट के लिए भी शॉर्ट्स विडिओ की तरह की वेब स्टोरी को लॉन्च किया यानिकि वेब स्टोरी वेब पर आधारित है जिसमें आप विडिओ, ऑडियो, इमेज, टेक्स और एनिमेशन का इस्तमाल करके वेब स्टोरी बना सकते है और अपनी वेब साइट पर ट्राफिक जनरेट कर सकते है और पैसे कमा सकते है। 


आज दिन में जो भी जानकारी को गूगल पर सर्च करते है उस जानकारी के सबंधित आपको गूगल के Discover पेज पर वेब स्टोरी दिखाई देती है जिससे आप जानकारी हासिल कर सके।


वेब स्टोरी क्या है? - What Is Web Stories In Hindi


वेब स्टोरी गूगल के द्रारा लॉन्च किया हुआ एक वेब पेज है जिनको उपयोगकर्ता जानकारी को  Visual Format में देख सकता है गूगल वेब स्टोरी AMP तकनिकी द्रारा कार्य करती है।अगर आपका कोई ब्लॉग है या कोई वेब साइट है तो आप इसके लिए वेब स्टोरी बना सकते है और लोगो को अपने प्रभावित वेब स्टोरी से तरह - तरह का ज्ञान दे सकते है जबकि आप वेब स्टोरी में Google adsense की Ads भी लगा सकते है जिससे वेब स्टोरी के उपयोकर्ता को भी फायदा हो और आपको भी। वेब स्टोरी पर टैप करके आप या फिर कॉन्टेन के एक हिस्से से दूसरे हिस्से पर स्वाइप करके आप अपने हिसाब से वेब स्टोरी को देख सकते है उसे पढ़ सकते है।

 

वेब स्टोरी कहा दिखाई देती है?


वेब स्टोरी को दिखने के लिए आपके पास Google का आप होना चाहिए। अगर ये aap नहीं है तो सबसे पहले इस aap को प्ले स्टोर में से इन्टॉल करे फिर उसके बाद उसे ओपन करे तो आपको Google का Discover पेज दिखाई देगा जैसे आप थोड़ा निचे स्वाइप करेंगे तो आपको Stories का फॉर्मेट देखने को मिल जायेगा जिस पर आप क्लिक करके आप उसे वेब स्टोरी को पढ़ सकते है देख सकते है। 

google

वेब स्टोरी में इन बातों का ध्यान जरूर रखें 


जब भी आप वेब साइट के लिए कोई वेब स्टोरी बनाये तो उसमे कॉपी राइट इमेज, विडिओ का इस्तमाल न करे। 

वेब स्टोरी के पेज में कम से कम 180 करैक्टर का उपयोग करे। 

अपनी वेब स्टोरी में कभी भी High Quality और High Resolution इमेज और विडिओ का इस्तमाल कभी भी न करे। 

वेब स्टोरी में अगर आप विडिओ डालना चाहते हो तो उस विडिओ की Length 15 सेकण्ड से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। 

कम्प्लीट वेब स्टोरी बनाये ऐसा नहीं की आप कुछ पांच टिप्स देते है और केवल तीन टिप्स हो बताने हो ऐसा नहीं करना बल्कि कम्प्लीट वेब स्टोरी बनाये। 

कई लोग ट्राफिक के चक्कर में अपने गूगल वेब स्टोरी पर एक से अधिक लिंक इस्तमाल करते है लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए एक वेब स्टोरी में एक ही लिंक लगाए। 

कई लोगो का ये सवाल होता है की हम अपने वेब स्टोरी में कितनी स्लाइड बनाये तो आप अपनी वेब स्टोरी में कम से कम पांच स्लाइड और सबसे ज्यादा 30 स्लाइड का इस्तमाल कर सकते है। 

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Google Trends क्या है?


वेब स्टोरी बनाने के फायदे क्या है?

web stories

गूगल वेब स्टोरी बनाकर आप अपनी वेब साइट पर लाखो में ट्राफिक ले सकते है और पैसे कमा सकते है। 

अगर आप अपनी वेब स्टोरी में अपनी वेब साइट पोस्ट की लिंक डाली है और अगर वो वेब स्टोरी वाइरल हो गई तो आपकी पोस्ट भी वाइरल हो सकती है। 

वेब स्टोरी से आप अपनी पोस्ट को जल्दी से गूगल में इंडेक्स करावा सकते है। 

वेब स्टोरी में आप google adsense का ads लगाकर या एफिलिएट लिंक डालकर पैसे कमा करते है। 

वेब स्टोरी के माध्यम से आप अपने साइड अपने प्रोडक्ट की बिक्री बढ़ा सकते है। 


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गूगल ट्रेंड्स क्या होता है? इससे वेब साइट रेंक कैसे कराये

 नमस्कार दोस्तों आपका दिल से स्वागत है तो आज हम बात करने वाले है की गूगल ट्रेंड्स होता क्या है? ( What Is Google Trends In Hindi ) और गूगल ट्रेंड्स से अपनी वेब साइट को रेंक कैसे कराये? तो दोस्तों आज की दुनिया में हर एक क्षेत्र में कॉम्पिटिशन बढ़ गया है जबकि ब्लॉगिंग की दुनिया में तो सबसे कॉम्पिटिशन बहुत ही ज्यादा बढ़ गया है। 

Google Trends

पहले क्या होता था की आप बहुत ही कम और थोड़ी सी जानकारी से भी अपनी वेबसाइट को रेंक करा सकते थे उसकी मुख्य वजह ये थी की उस वक्त गूगल में कॉम्पिटिशन ना के बराबर था जिसकी वजह से कोई भी वेबसाइट आसानी से रेंक हो जाती थी लेकिन आज के समय में ऐसा बिलकुल नहीं है आप कितनी भी अच्छी जानकारी ही क्यों न दो लेकिन फिर भी आपका पोस्ट रेंक नहीं करेगा क्योकि कॉम्पिटिशन बहुत ही बढ़ गया है।


तो दोस्तों आमतौर पर वेब साइट को रेंक कराने में बहुत तरीके है बहुत फैक्ट्स है उनमें से एक है की आप Google Trends से भी अपनी वेब साइट को रेंक करवा सकते है लेकिन उसके लिए आपको गूगल ट्रेंड्स क्या है? गूगल ट्रेंड्स का इस्तमाल कैसे करे? ये सब जानना बहुत ही जरुरी है तो चलो अब हम बात करते है की आखिर गूगल ट्रेंड्स होता क्या है?


Keyword Research क्या होता है?


गूगल ट्रेंड्स क्या है? ये जानने से पहले हमें keyword research के बारे में जानना चाहिए तभी हम google trends क्या होता है ये समझ सकेंगे। 


जब भी कोई इंसान वेब साइट के लिए कोई पोस्ट लिखता है तो उस पोस्ट को रेंक कराने के लिए वो Keyword research करता है यानिकि वो किस keyword पर पोस्ट लिखे ताकि वो रेंक करा सके इसलिए वो सबसे पहले keyword research करता है keyword को ढूंढता है।

  

अब आपके मन में ये सवाल होता होगा की अब ये keyword research क्या है? तो दोस्तों keyword research यानिकि keyword को ढूँढना , देखना की लोग किस keyword को अधिक बार गूगल पर सर्च कर रहे है कौन सा वो keyword है जो गूगल पर सबसे ज्यादा रेंक कर रहा है अगर आप भी उस keyword पर पोस्ट लिखते है तो आपकी वेबसाइट को रेंक करने के चान्स बढ़ जाते है क्योकि Keyword Research Seo का एक महत्वपूर्ण भाग है।


दूसरे तरीके से हम समझे तो Keyword research यानिकि लोगो को वो keyword के माध्यम से वो जानकरी देना जो वो चाहते है तो google Trends भी हमारी ये मदद करता है की लोग क्या सर्च कर रहे है कौन सा keyword सबसे ज्यादा रेंक कर रहा उसका आइडिया हमें google trends की मदद से मिल सकता है। google ट्रेंड्स keyword को जानने में हमारी मदद करता है यानिकि google Trends की माध्यम से हम अपनी पोस्ट के लिए Keyword को निकाल सकते है और उस keyword की मदद से हम अपनी वेब साइट को रेंक भी करवा सकते है। 

आपको इंटरनेट पर कई ऐसे पेड़ और फ्री टूल, प्लगिन मिल जायेंगे जिसकी मदद से आप Google Trends की तरह Keyword Research कर सकते है जैसे की Ahrefs, Semrush, Keywords Everywhere आदि टूल है जिसकी मदद से आप keyword ढूंढ सकते हो और अपनी वेब साइट को रेंक करवा सकते है।

वेब होस्टिंग क्या है?


हर एक ब्लॉगर ये चाहता है की उसे एक अच्छा और फ्री में कोई Keyword research टूल मिले जो उनको पोस्ट रेंक करने में मदद करे तो आप google trends का इस्तमाल कर सकते है जो बिलकुल फ्री है। अब आपको ये पता चल गया की Keyword Research का होता है तो अब हम बात करेंगे की Google Trends क्या होता है?


Google Trends क्या है? What Is Google Trends In Hindi


गूगल ट्रेंड्स गूगल का एक ऐसा फ्री टूल है जो सबसे अधिक सर्च होने वाले keyword का, समय के साथ होने वाले बदलाव का रिकॉर्ड करता है यानिकि किन keyword पर लोगो ने सबसे अधिकबार सर्च किया है और कौन - कौन से लोकेशन से सर्च किया है इसकी जानकारी आप google trends से ले सकते है। इस टूल से हम ये जान सकते है की हम जो Keyword का इस्तमाल अपने पोस्ट में करते है उनसे हमें फायदा होगा या नहीं। 

Google Trends के माध्यम से हम ट्रेंडिंग Keyword को ढूंढ सकते है और उस पर काम कर सकते है वो भी फ्री में।


Google Trends से वेब साइट रेंक कैसे कराये?


Google Trends Keyword Research का बहुत बढ़िया और फ्री टूल है जो काफी लोग इस टूल का इस्तमाल कराते है और अपने पोस्ट को रेंक कराते है। जिस चीजे के बारे में लोग सबसे ज्यादा सर्च करते है उस चीजे के कीवर्ड को हम google Trends Keyword कहा जाता है जो समय अनुसार ये Keyword बदलते रहते है क्योकि समय के साथ उस Keyword का महत्व कम होता है और फिर से कोई नया Keyword आता है। 

विडिओ के माध्यम से जाने Google Trends क्या होता है?

Google Trends का इस्तमाल करके हम कीवर्ड की तुलना कर सकते है की हमारे पोस्ट के लिए कौन सा keyword सबसे अच्छा रहेगा यानिकि Google Trends से आप अपने पोस्ट के लिए ट्रेंडिंग कीवर्ड निकाल सकते है और उसके जरिये आप पोस्ट लिख सकते है और उसे रेंक करा सकते है। अधिक जानें। 


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Web Hosting क्या होता है? What Is Web Hosting In Hindi 2022

नमस्कार दोस्तों आपका दिल से स्वागत है तो आज हम वेब होस्टिंग ( Web Hosting ) क्या होता है? और वेब होस्टिंग के कितने प्रकार होते हे इसके बारे में बात करने वाले है अगर आप वेब होस्टिंग का इस्तमाल करना चाहते हे तो आपके पास एक डोमेन होना चाहिए वेब होस्टिंग का इस्तमाल करके आप अपनी वेबसाइट का डेटा स्टोर कर सकते हे और अपनी वेबसाइट को लाइव कर सकते हे तो चलो दोस्तों हम ये जान लेते हे की आखिर वेब होस्टिंग होता क्या है?


Web Hosting क्या होता है? - What Is Web Hosting In Hindi 


Web Hosting क्या है

सभी वेबसाइट की फाइल, फोटो, विडिओ आदी को स्टोर करके का काम वेब होस्टिंग का होता हे यानिकि वेब साइट को इंटरनेट में जगह देने का काम वेब होस्टिंग का होता है Web Hosting के जरिये कोई भी इंसान किसी भी वेब वेबसाइट को पूरी दुनिया में इंटरनेट के माध्यम से ओपन कर सकता हे यानिकि वेब साइट के लिए वेब होस्टिंग का होना बहुत जरुरी है। 


दूसरे शब्दों में अगर हम बात करे तो Web Hosting हमारी वेबसाइट का वो घर जिसमे हम वेब साइट की फाइल को रख रकते हे यानिकि वेब साइट का सभी डेटा रख सकते है लेकिन उसके लिए हमें Web Hosting कंपनी को पैसे देना पड़ता है तभी हम web Hosting का इस्तमाल अपनी वेब साइट के लिए कर सकते है।


Web Hosting आपकी वेबसाइट के डेटा को एक स्पेशल कंप्यूटर में स्टोर करके रखता हे और वो कोम्पुटर हर वक्त 24×7 इंटरनेट से Connected हो कर रहता है। 


जो भी नए लोग अपनी वेबसाइट बना लेते हे उनको शायद वेब होस्टिंग के बारे में पता नहीं होता जिसकी वजह से वो गलत वेब होस्टिंग ले लेते हे जिसकी वजह से उनको आगे जाकर बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ सकता हे इसलिए आप जब भी कोई वेबसाइट बनाये तब अच्छी वेब होस्टिंग को चुने जिसे आपकी वेब साइट अच्छे से रन कर सके। 


अगर आप वेब होस्टिंग खरीदना चाहते हे तो कई कंपनी है जो हमें वेब होस्टिंग की सेवा दे रही है जैसे की Bluehost, Godaddy, Hostgator आदी कई कंपनी हे जो एक अच्छी वेब होस्टिंग प्रदान करती है। 


Web Hosting क्यों ख़रीदे?


अगर आप अपने बिजनेस को ऑनलाइन ले जाना चाहते है तो आप अपने बिजनेश को वेब साइट के माध्यम से ऑनलाइन ले जा सकते है इसके लिए आपके पास एक डोमेन और होस्टिंग का होना बहुत जरुरी है क्योकि इन दोनों से भी आप अपनी वेब साइट बना सकते हे तो इसके लिए आपको Web Hosting खरीदना चाहिए या फिर आपको मेरे तरह एक वेबसाइट बनाकर Google adsense से पैसे कामना है तो आपको Web Hosting ख़रीद कर अपनी वेब साइट बना सकते है। 


Web Hosting कैसे काम करता है?


जब भी आप कोई वेब साइट बनाते हो तब आपको अपने डोमेन को वेब होस्टिंग का जोड़ना पड़ता है डोमेन को वेब होस्टिंग से जोड़ने के लिए DNS का इस्तमाल किया जाता है DNS जिसे डोमेन नेम सिस्टम कहा जाता है इसके जरिये आप अपने डोमेन को वेब होस्टिंग के साथ जुड़ सकते है जिससे आपके डोमेन को ये पता चलता हे की आपका वेब साइट किस Web सर्वर में रखा गया है। 


डोमेन को वेब होस्टिंग के साथ जोड़ने के बाद आपको अपनी वेब साइट कुछ इनफार्मेशन डालनी होगी कुछ फाइल कुछ फोटो अपलोड करना होगा जो अपनी वेब होस्टिंग में स्टोर होंगे। 


जब भी कोई इंसान इंटरनेट के माध्यम से गूगल, क्रोम जैसे ब्राउज़र पर आपके डोमेन नाम को सर्च करता है जैसे की Hindi7Facts.com उसके बाद इंटरनेट आपके डोमेन को उस सर्वर के साथ जोड़ता है जिसमें आपने अपनी फाइल को, अपनी फोटो को स्टोर किया है। अब वो इंसान  आपकी वेब साइट की सभी इनफार्मेशन , फाइल, फोटो तक पहुंच जायेगा जो अपने अपने सर्वर पर रखा है। 


कौन सा Web Hosting ख़रीदे?


बहुत सारे लोगो में ये सवाल रहता है की मुझे होस्टिंग खरीदना है लेकिन मेरे लिए कौन सा होस्टिंग अच्छा रखेगा? तो आपको अपनी वेब साइट को देखकर और पैसे को देखकर होस्टिंग को खरीदना चाहिए होस्टिंग के प्लान को देखे अगर आपको अच्छा लगे तभी ख़रीदे उसके पास आप जिस कंपनी का होस्टिंग खरीदना चाहते है उस कंपनी का रेटिंग चेक करे और जिस कंपनी का रेटिंग अच्छा हो उसे अपने बजेट के मुताबिक ख़रीदे। 


Bluehost 

Godaddy 

Hostgator आदि कंपनी है जो अच्छा होस्टिंग सस्ते दामों पर प्रदान करती है आप उनको खरीद सकते हो। 


अगर आपका ट्राफिक इंडिया से है तो आप इंडिया से होस्टिंग ख़रीदे क्योकि आपकी होस्टिंग का सर्वर जितना आपकी कंट्री से दूर होगा उतना ही आपके वेब साइट को access करने में टाइम लगेगा इसलिए इन बातो का ध्यान अवश्य रखे। 


Web Hosting के प्रकार कितने है?


Web Hosting के प्रकार

वेब होस्टिंग क्या होता है? ये तो हमने जान लिया तो अब हम बात करते है की Web Hosting के प्रकार कितने है तो आज के समय में सबसे अधिक इस्तमाल किये जाने वाले वेब होस्टिंग के मुख्य तीन प्रकार है जिसके बारे में निचे जानकारी दी गई है। 


1. Shared Web Hosting


Shared होस्टिंग का सेटअप करना बहुत ही आसान हे ज्यादातर नए Bloggers इस होस्टिंग का इस्तमाल करते है Shared होस्टिंग में एक ही सर्वर होता है लेकिन वहाँ हजारो लोगो की वेब साइट की फाइल को एक साथ सर्वर कोम्पुटर में स्टोर किया जाता है जिसकी वजह से इस होस्टिंग को shared होस्टिंग कहा जाता है।


ये होस्टिंग उन लोगो के लिए अच्छा है जो ब्लॉग में नए है क्योकि जब भी कोई बंदा ब्लॉग में काम करने आता है तब उसके पास ज्यादा पैसा नहीं होता और ये होस्टिंग भी सस्ती हे जिसकी वजह से नए बंदे इस होस्टिंग का इस्तमाल अपनी वेब साइट के लिए करते है।


अगर आप इस होस्टिंग को खरीदते है तो आपको तब तक कोई मुश्केली का सामना नहीं करना पड़ेगा जब तक आपकी वेब साइट पर अधिक ट्राफिक न आये यानिकि अधिक सर्च में न आये, जब आपकी वेब साइट में अधिक ट्राफिक आने लगे तब आपका वेब साइट डाउन हो जायेगा तब आप होस्टिंग को बदल सकते हो।


Shared होस्टिंग क्यों ख़रीदे?


इस होस्टिंग का इस्तमाल करना और वेब साइट का सेटअप करना नए Bloggers के लिए बहुत ही आसान है। 

अगर आप यु ही कोई वेब साइट बनाते है तो उसके लिए ये होस्टिंग अच्छा है। 


2. VPS होस्टिंग 


इस होस्टिंग में visualization technology का प्रयोग किया जाता है जिसमें एक Strong और सिक्योर सर्वर को  virtually अलग - अलग हिस्सों में Divide किया जाता है। प्रत्येक Virtual सर्वर के लिए अलग - अलग Resource Use किया किया जाता है जिसकी वजह से आपकी वेब साइट को जितना resource की जरुरत हो वो उतना Use कर सकता है यानिकि आपको दूसरी वेब साइट के साथ कोई Share नहीं करना पड़ेगा जिसके आपकी वेब साइट को एक बेस्ट security मिलती है।


VPS होस्टिंग क्यों खरीदना चाहिए?


इस होस्टिंग का performance बहुत ही अच्छा होता है 

इस होस्टिंग में आपको फुल कंट्रोल मिलता है इसके अलावा Privacy और security बहुत ही बहेतर मिलती है।

अगर आप इस होस्टिंग को खरीदते है तो आपको एक अच्छा सपोर्ट प्रदान किया जाता है। 


3 . Dedicated Hosting


 जिस प्रकार shared होस्टिंग में एक से अधिक वेब साइट को एक ही सर्वर जगह shared करते है उनसे बिलकुल उल्टा काम ये होस्टिंग करती है यानिकि ये एक ऐसा होस्टिंग है जिनके मालिक सिर्फ आप ही किसी और का इसमें कोई जगह नहीं है और सारा कट्रोल आपके हाथ में होता है। 


ये होस्टिंग में एक सर्वर होता है जो मात्र एक ही वेब साइट को रन करता है यानिकि इस होस्टिंग पर किसी एक वेब साइट की फाइल रखी जाती है जिससे ये सर्वर बहुत तेज और सबसे महँगी होस्टिंग होती है। 


जिन वेब साइट पर दिन के लाखो लोग आते है उन वेब साइट पर ऐसा होस्टिंग होता है जबकि बिजनेश वाली वेब साइट भी इस होस्टिंग का इस्तमाल करती है। 


Dedicated होस्टिंग क्यों ख़रीदे?


ये होस्टिंग सभी होस्टिंग से महंगा है लेकिन सभी होस्टिंग से अच्छा भी है 

इस होस्टिंग में आपको अधिक कट्रोल और flexibility दिया जाता है 

दूसरे होस्टिंग की तुलना में इस होस्टिंग की सिक्युरिटी बढ़िया होती है 

इस होस्टिंग को खरीदने से पहले आपके पास इस होस्टिंग का पूरा ज्ञान होना जरुरी है वर्ना आपके पैसे डूब जायेंगे। 


4. Cloud Web होस्टिंग 


ये भी होस्टिंग का एक प्रकार है लेकिन इस होस्टिंग में दूसरे clustered servers के resoueces का use होता है यानिकि अगर आप इस होस्टिंग को खरीदते है तो आपकी वेब साइट दूसरे सर्वर के  virtual resources का इस्तमाल करती है जिसकी वजह से आपकी होस्टिंग सभी  aspects को पूर्ण करती है। 


Cloud होस्टिंग को क्यों ख़रीदे?


इस होस्टिंग में सभी चीजे Cloud में होती है जिसकी वजह से आपकी वेब साइट का सर्वर डाउन होने का चान्स बहुत ही कम होता है। 

इस होस्टिंग में आप अधिक ट्राफिक को भी आसानी से मैनेज कर सकते है। 

जब आप इस होस्टिंग का इस्तमाल करते है तो इस होस्टिंग पर आप Load को बेलेंस कर सकते हे यानिकि कट्रोल कर सकते है और आपकी वेबसाइट की फूल security रहती है लेकिन अन्य होस्टिंग से ये होस्टिंग थोड़ी महंगी होती है। 


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ठंड में खाएं ये फ़ल - Winter Fruit In Hindi

       हैल्लो दोस्तों आप सभी का में दिल से स्वागत करता हूँ तो आज हम इस आर्टिकल में बात करने वाले है कि ठंड में कौन से फल खाने चाहिए? ठंड में खाने वाले फल कौन से हे? सर्दी का मौसम शरू होते हे हमें ठंड महसूस होने लगती हे यानिकि ठंड से लोगो को घर से बाहर निकलने में, खाने पिने में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता हे ऐसे हे हमारा स्वास्थ्य भी बिगड़ सकता हे तो ऐसा क्या करे की हम ठंड में अपने शरीर को स्वस्थ रख सके तो इसके लिए आपको कुछ फलो का कुछ आहर का सेवन करना चाहिए ताकि आपका शरीर ठंड में भी स्वस्थ रहे, तो उम्मींद करता हु की आपको यह हमारा आर्टिकल पसंद आयेगा ,तो चलो देखते ठंड में खाए जाने वाले फल के बारे में।

ठंड में खाने वाले फल - Winter Fruit In Hindi

    ठंड के मौसम में हर एक इंसान को ऐसे आहार का, ऐसे फलो का सेवन करना चाहिए जिससे आपका शरीर गर्म रह सके। इस लिए कई लोग आपको सर्दियों में सुप और गर्म तासीर वाली चीजें खाने की सलाह देते है लेकिन खाने पिने में जो मजा सर्दियों में है वैसा मज़ा दूसरे मौसम में कहा है लेकिन कई बार कई इंसान सर्दियों में अपने शरीर को गर्म रखने के चक्कर में हम कई बार डाइट को नजर अंदाज कर देते है जिसकी वजह से वो मोटापे व् इससे जुड़ी कई समस्याओं का शिकार बन जाते हे ऐसे में हम सबको स्वस्थ रहने के लिए डाइट का ध्यान रखना बेहद जरुरी है। 

     ठंड के मौसम में फलो का सेवन हमारे शरीर स्वास्थ्य के लिए सबसे ज़्यादा लाभदायक होता है। इसके अलावा हमें सर्दियों में ऐसे आहार का सेवन करना चाहिए जिससे हमारे शरीर की इम्युनिटी बूस्ट हो सके जिससे हमारे शरीर में सर्दियों में होने वाली बीमारियों से बचा जा सकता है। खासतौर पर सर्दियों में हमें फ़ल फ्रूट का सेवन ज्यादा करना चाहिए। तो चलिए हम आपको उन फलों के बारे में बता ने वाले है , जिसको खाकर आपको सर्दि के मौसम राहत मिलेंगी और आपकी तबियत भी ख़राब नहीं होंगी। हमारे जीवन में फलो का महत्व

ठंड में खाएं जाने वाले फल 


Winter Fruit In Hindi


 1 . अंगूर 

   अंगूर विटामिन मिनरल्स काबरेहाइड्रेट ग्लूकोज जैसे पौष्टिक तत्वों और पोली - फिनोल ऐंटिऑक्सिडेंट, ऐंटीबैक्टीरियल , फाइटोन्यूट्रिऐंट्स गुणों से भरपूर होता है। इसमें मौजूद शर्करा रक्त में आसानी से अवशोषित हो जाती है और थकान दूर कर शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है। कोलेस्ट्रॉल कम करने में सक्षम अंगूर के सेवन से ह्दय रोग का ख़तरा कम रहता है यह रक्त विकारों को दूर कर क्लींजर का काम करते है लेकिन एक बात का ध्यान रखे अंगूर को हमेंशा सही मात्रा में सेवन करे क्योकि अधिक सेवन करने से अंगूर हमारे शरीर के लिए नुकशान कारक भी साबित हो सकता हे।


2 . अनार 


    अनार अपने अनोखे खट्टे - मीठे स्वाद और गुणों के कारण " एक अनार सौ बीमार " का मुहावरा बिल्कुल है। फाइटोकैमिकल्स पोली -फिनोल ऐंटिऑक्सिडेंट फ़ाइबर आयरन विटामिन से भरपूर अनार उच्च कोलेस्ट्रॉल ब्लड प्रेशर दिल के दौरे या फ्री रेडिकल्स से बचाव कर ह्दय के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। खून की कमी के रोगियों के लिए अनार का सेवन उपयोग है। 


3 .सेब हे लाभकारी 


    हर दिन एक सेब का सेवन करने से आप बीमारियों से दूर रह सकते है। सर्दी हो या गर्मी हर सीजन में सेब हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा साबित हो सकता है अगर आप खुद को और अपने परिवार को स्वस्थ रखना चाहते है तो आप हर दिन केवल एक ( 1 )  सेब का सेवन करे क्योकि सेव में पाए जाने वाले विटामिन ए ,फ़ाइबर ,पोटेशियम जैसे पोषक तत्वों हमारे स्वस्थ के लिए लाभदायाक होते है। सेब का सेवन करने से हमारे मस्तिक्ष और शारीरिक विकास बेहतर तरीके से होता है। सर्दियों में खुद को तंदुरस्त रखने के लिए सेब या फिर सेब का जूस का सेवन करे, इसके अलावा अगर आप रोजाना सेब का सेवन करते हे तो आपका वजन भी कंट्रोल में रह सकता है। 

शरीर को स्वस्थ कैसे रखे?

4 .केला है पोषण से भरपूर

 

    कई लोग अक्शर हमें सर्दियों में केला खाने के लिए मना करते है क्योकि केले से सर्दी -जुकाम की परेशानी बठने का खतरा रहता है ये बात सही हे लेकिन आपको बता दे की सही मात्रा में सर्दियों में केला आपके शरीर के लिए लाभकारी हो सकता है। रोजाना एक केला खाने से आपके शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है। आप इसे बच्चो को भी दे सकते है इससे सर्दी -जुकाम नहीं होता है हलाकि अगर आपको या फिर आपके बच्चे को पहले से ही सर्दी -जुकाम है  तो उन्हें केला न दे। 


5 .संतरा इम्युनिटी करे बूस्ट 


      संतरा एक सीजनल फल है सर्दियों में संतरा का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहित ही लाभकारी होता है। कई लोग सोचते है सर्दियों संतरा खाने से ठंड लग सकती हे लेकिन ऐसा नहीं है। सर्दियों में संतरा स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है हालाकि संतरा स्वाद में काफ़ी खट्टा होता है इसलिए शाम में या फिर रात के वक्त इसे न खाए दिन के समय आप संतरा का सेवन कर सकते है। यह दिन के समय आप संतरा का सेवन कर सकते है यह ऐंटीऑक्सीडे और विटामिन सी से भरपूर होता हे ,जो इम्युनिटी बूस्ट कर सकता है। 

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हमारे जीवन में सब्जियों का महत्व

तरबूज के फ़ायदे और नुकशान 


'' यह पोस्ट पठ ने के लिए आप का दिल से धन्यवाद ''

तरबूज के बारे में जानकारी, फायदे और नुकशान

 तरबूज के बारे में जानकारी 

हैल्लो दोस्तों आप सभी का में दिल से स्वागत करता हु। तो आज हम इस आर्टिकल में बात करने वाले है तरबूज के बारे में जानकारी , तरबूज खाने के फ़ायदे और नुकशान ,अमेजिंग फैक्टस और तरबूज की खेती कैसे होती है तो उम्मीद करहु की आपको यह आर्टिकल पसंद आयेंगा। तो चलो देखते हे तरबूज के बारे में


 तरबूज के बारे में जानकारी

तरबूज के बारे में जानकारी इमेज

तरबूज एक बेलवाली गर्मी में उगाई जाने वाली कद्दूवर्गीय महत्वपूर्ण फ़सल है। तरबूज हमारे देश में एक बहुत ही लोकप्रिय फल है गर्मी में तरबूज का फल फ्रूट डिश , जूस ,शरबत ,स्क्वैश आदि अनेक रूप से उपयोग आता है। तरबूज एक ग्रीष्म ऋतु का फल है। जो आकार में ओर फलो में सबसे बड़ा होता है। तरबूज कंदु और खीरे का रिस्तेदार है।

 तरबूज का छिलका कठोर और हरे रंग  होता है। तरबूज का आतंरिक आवरण गुदा रूप में होता है। इसी गूदे को खाया जाता है। यह गुदा गंदा लाल रंग  का और नरम होता है। इस गुदा में हलके काले रंग के बीज होते है। जिसे सुखाकर भी खाया जाता है। तरबूज पानी से भरपूर मीठे होते है इसकी फसल आमतौर पर गर्मी में तैयार होती है। 

तरबूज के पोषण और स्वास्थ लाभ भी कई है। इसकी खेती आर्थिक रूप से फ़ायदेमंद मानी जाती है। यह एक बेहतरीन और ताजगीदायक फ़ल है। प्रति 100 ग्राम तरबूज में 95 .8 ग्राम पानी होता है इसी लिए गर्मियों में तरबूज का सेवन धुप की वजह से होने वाले निर्जीकरण से बचाता है अक्सर होने वाले मूत्रमार्ग के संक्रमण से निजात पाने में भी सहायक है। तरबूज लगभग 119 मि  .ग्रा पोटेशियम देता है जो की ह्दय के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। 


तरबूज खाने के फ़ायदे 

1 .ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखे ;

तरबूज का सेवन करने से हार्ट सबंधी रोग कम होते है तरबूज में काफी मात्रा में पोटेशियम और मैग्नेशियम होता है जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है तरबूज में लाइकोपन एंटीऑक्सीडेंट होता है जो आपको ह्दय रोग से बचाता है इससे ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक और ब्लड क्लोंटिंग की समस्या काम होती है। 


2 .वजन घटा ने के लिए 

तरबूज खाने से वजन कम होता है भले तरबूज मिठा फल हे लेकिन इसमें  कैलोरी बहुत कम होती है जो लोग डाइटिंग करते है उन्हें तरबूज खाने की सलाह दी जाती है तरबूज खाने से पेट जल्दी भरता है और पाचन अच्छा रहता है तरबूज वेट लॉस के लिए बेस्ट फल है। 


3 .शरीर को स्वस्थ रखे हाइड्रेट 

तरबूज में पानी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है ऐसे में गर्मी में तरबूज का सेवन करने से शरीर में पानी की कमी को पूरा किया जा सकता है तरबूज बॉडी को हाइड्रेट रखता है तरबूज खाने से शरीर को ठंडक मिलती हे  .आपको रोजना तरबूज का सेवन जरूर करना चाहिए।


4 .कैंसर के बचाव के लिए 

कैंसर जैसी धातक बीमारी के लिए भी तरबूज के फ़ायदे बहुत है तरबूज में लाइकोपीन नामक तत्व पाया जाता है जो कैंसर से बचाव कर सकता है लाइकोपीन की वज़ह से तरबूज को लाल रंग प्राप्त होता है । यह एकशक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है इसलिए यह शरीर में कैंसर को पनपने से रोक सकता है।


5 .मांसपेशियों में दर्द 

मांसपेशिया में होने वाले दर्द के लिए भी तरबूज फ़ायदा पंहुचा सकता है। यह खास फल इलेक्ट्रोलाइट्स और एमिनो एसिड साइट्रलाइन से समृद्ध होता है कसरत के बाद गले की मांसपेशियों मे होने वाले दर्द को शांत कर सकता है 15. एक अध्ययन के अनुसार ,तरबूर में मौजूद साइट्रलाइन मांसपेशियों के दर्द को कम करने में मदद कर सकता है इसलिए ,मांसपेशिया के दर्द से बचे रहने के लिए आप अपने दैनिक आहार में तरबूज को शामिल कर सकते है। 


6 .पाचन शक्ति में सुधारा

गर्मी में पेट से जुडी समस्याए काफ़ी बढ़ जाती है ऐसे में आपको तरबूज जरूर  खाना चाहिए . तरबूज में अच्छी मात्रा में फ़ाइबर होता है जिससे पाचनतंत्र स्वस्थ  मजबूत रहता है पेट को स्वस्थ रखने के लिए आपको रोजाना तरबूज खाना चाहिए। 


7 . हार्ट को रखे हेल्दी 

आजकल हार्ट संबधी बीमारियो का ख़तरा काफ़ी बढ़ गया है बहुत कम उम्र में ही लोगो को हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा होने लगा है  ऐसे में जो लोग तरबूज सेवन करते है उनका हार्ट लंबे समय तक हेल्दी रहता है तरबूज में लाइकोपीन नामक एंटीऑक्सीडेंट हार्ट को हेल्दी रखता है।

 

8 .बाल और त्वचा को रखे हेल्दी 

तरबूज खाने से बाल और त्वचा भी अच्छी रहती है इसमें विटामिन सी और विटामिन ए पाया जाता है जिससे कोलेजन का निर्माण होता है और आप लंबे समय तक जवान रहते है तरबूज खाने से त्वचा मुलायम होती है इसमें पाया जाने वाला विटामिन ए कोशिकाओं को रिपेयर करता है। 


तरबूज खाने के नुकसान


1 .पेट हो सकता हे ख़राब 

तरबूज का सेवन एक ही बार में अधिक कर लेने  पेट से सबंधित समस्या हो सकती हे इस फ़ल में डायटरी फ़ाइबर की मात्रा अधिक होती हे जिसकी वहज से ज्यादा खाने से पेट दर्द की समस्या होती है इसके अलावा तरबूज में पानी की मात्रा भी ज्यादा होती है इसे ज्यादा खाने से ओवर हाइड्रेशन की समस्या भी हो सकती  है इस फल को अधिक मात्रा में खाने से पाचन तंत्र सबंधित समस्याए जैसे की गैस ,पेट फूलना ,दस्त,आदि समस्याए होती है।


2 .कितनी मात्रा में  तरबूज खाने चाहिए 

अगर आपको तरबूज बहोत पसंद है तो आप आधा किलो तरबूज खाये क्युकी तरबूज में शुगर और कैलोरी होता है  इसलिए अधिक सेवन से डायबिटीज के मरीज को समस्या हो सकती है आप तरबूज को काटकर भी खा सकते है और इसका ज्यूस बनाकर भी पि सकते है।


3 .ग्लूकोज का स्तर 

तरबूज में ग्लाइसेमिक इंडेक्स की मात्रा काफी पायी जाती है यही कारन हे की तरबूज का ज्यादा सेवन करने से शरीर में ग्लूकोज लेवल में इजाफ़ा हो सकता है इसलिए मधुमेह रोगियों को तो तरबूज  का सेवन नियत्रित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है। 


तरबूज के बारे में अमेंजिग कैक्टस

1 . तरबूज कंदु और खीरे का रिश्तेदार है। 

2 . तरबूज सबसे पहले अफ्रीका में पाया गया था। 

3 . तरबूज गर्मियों में हमारे लिए बहोत ही फायदेमंद होता है। 

4 . 95 देशो में 1200  प्रकार के तरबूज उगाये  जाते है। 

5 . विश्व में तरबूज का सबसे अधिक उत्पादन चीन में होता है। 

6 . तरबूज बहुत स्वादिस्ट फल होता है। जिसकी वजह से यह पूरी दुनिया में महशूर है। 


तरबूज की खेती के बारे में जानकारी 


1 .तरबूज की खेती का उचित समय 

वैसे तो तरबूज की खेती दिसंबर से लेकर मार्च तक की जाती सकती है लेकिन तरबूज की बुवाई का उचित समय मध्य फरवरी माना जाता है वही पहाड़ी क्षेत्रों में मार्च - अप्रैल के महीनों में इसकी खेती की जाती है। 


2 .तरबूज की खेती  लिए जलवायु और मिट्टी 

तरबूज की खेती के लिए अधिक तापमान वाली जलवायु सबसे अच्छी मानी जाती है अधिक तापमान से फलों की वृद्धि अधिक होती है बीजो के अंकुरण के लिए 22 - 25 डिग्री  सेंटीग्रेड तापमान अच्छा रहता है। अब बात बात करे इसकी खेती के लिए मिट्टी की तो रेतीली और रेतीली दोमट भूमि इसके लिए होना चाहिए। तब दे की इसकी खेती अनुपजाऊ या बंजर भूमि में भी की जा सकतीं इसके लिए सबसे अच्छी रहती है वही मिट्टी का पि .एच  .मान 5  .5 -7  .0 के बिच होना चाहिए बता दे की इसकी खेती अनुपजाऊ या बंजर भूमि में भी की जा सकती है। 


3 तरबूज की खेती के लिए उन्नत किस्में 

तरबूज की कई उन्नत किस्मे होती है जो कम समय में तैयारी हो जाती है और उत्पादन भी बेहतर देती है इन किस्मो में प्रमुख किस्मे इस प्रकार से है। 


4 . शुगर बेबी 

इस किस्म के फल बीज बोन के 95 -100 दिन बाद तोड़ाई  के लिए तैयार हो जाते है जिनका औसत भार 4 -6 किलोग्राम होता है इसके फल में बीज बहुत कम होते है। इस किस्म से प्रति हैक्टेयर 200 - 250 क्विंटल तक उपज प्राप्त की जा सकती है। 


5 .अर्का ज्योति 

इस किस्म का विकास भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान बैंगलोर किया गया है इस किस्म के फल का भार 6 -8 किलोग्राम तक होता है इसके फलों की भंडारण क्षमता भी अधिक होती है इस क़िस्म से प्रति हेक्टेयर 225 क्विंटल तक उपज प्राप्त की जा सकती है।


6 .खेती के बीजो की रोपाई 

तरबूज के बीजो की रोपाई बीज के रूप में की जाती है भरता के मैदानी भागो में तरबूज को बड़ी मात्रा  उगाया जाता है इन बीजो  तैयार किये गये गड्डे में 2 से 3 फिट की दुरी पर 1 cm गहराई में लगाया जाता है बीज रोपाई के बाद गड्डो को पारदर्शी पॉलीथिन से ढक दिया जाता है तथा पॉलीथिन में कुछ पौधे को धुप मिलती रहे। 


7 .सिंचाई 

मैदानी और शुष्क क्षेत्रों में की गई बीजो की रोपाई में सिंचाई की अधिक जरुरत होती है इस दौरान पहली सिंचाई बीज रोपाई के तुरंत बाद करना होता है तथा दूसरी सिंचाई 3  से  4 दिन के अंतगत की जाती है।

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Best Grapes Information In Hindi - अंगूर के फायदे और नुकसान

हैल्लो दोस्तो आप सभी का में दिल से स्वागत करता हूँ। तो आज हम आपको इस आर्टिकल में अंगूर फल [ Grapes Information In Hindi ] की जानकारी और अंगूर खाने के फ़ायदे और नुकशान और उसे जुड़े कुछ अमेजिंग फैक्टस के बारे में बात करने वाले है तो उम्मीद करता हु आपको यह आर्टिकल पंसद आएंगे। तो चलो देखते अंगूर फल के बारे में। 


Grapes Information In Hindi


Grapes Information In Hindi


अंगूर एक प्रकार का फल है जो एक लकड़ी की डाली पर लगता है। अंगूर सारे भारत में आसानी से उपलब्ध है इसमें विटामिन -सी तथा ग्लूकोज पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है यह शरीर में खून की वृद्धि करता है और कमज़ोरी दूर करता है यह कारन है की डॉक्टर लोग मरीजो को फलो में अंगूर खाने  सलाह देते है। 

अंगूर फल स्वाद के साथ यह सेहत लिए बहुत ही लाभदायक माना जाता है इस फल को हर कोई खाना पसंद करता है अंगूर फल में पाए जाने वाले पोषक तत्व हमारे शरीर बेहद गुणदायक माने जाते है। 

अंगूर फल में विटामिन सी ,विटामिन ए ,विटामिन बी ,पोटेशियम और कैल्शियम भी अधिक मात्रा में पाए जाते है जो हमारे शरीर की कई समस्याओ से अंगूर फल बचाने में लाभदायक माने जाते है और इतना ही इसमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर ,फ़ेलोरिन ,मैग्नीशियम ,ग्लूकोज या साइट्रिक एसिड जैसे कई पोषक पाये जाते है। 


अंगूर से जुड़े कुछ अमेजिंग फैक्ट्स 


1 . अंगूर फल को हर कोई खाना पसंद करता है। 

2 . अंगूर फल में पाए जाने वाले पोषक तत्व हमारे शरीर के लिए बेहद गुणदायक माने जाते है। 

3 . अंगूर फल में विटामिन ए ,विटामिन बी , विटामिन सी ,पोटेशियम और कैल्शियम भी अधिक मात्रा में पाए जाते है। 

4 . अंगूर फल खाने के साथ साथ यह सेहत के लिए बहुत ही लाभदायक भी माना जाता ह। 

5 . अंगूर फल की खेती महाराष्ट , नाशिक ,पुणे और सालंग जिलों में होती है। 

6 . अंगीर फल भारत में आसानीसे उपलब्ध है। 

7 . अंगूर फल की तासीर गर्मी होती है। 


Grapes Information In Hindi


1.अंगूर की खेती कौन से जिलों में की जाती है ?

  अंगूर की खेती कौन से जिले में होती है , तो अंगूर की खेती महाराष्ट्र, नाशिक, पुणे और सालंग जिलों में भी की जाती है।

2 .एक दिन में कितने अंगूर खाने चाहिए ?

  एक दिन में कितने अंगूर खाने चाहिए तो एक दिन में हमें 1 से 3 कप अंगूर खाने चाहिए। 


3 . अंगूर तासीर क्या होती है ?

 अंगूर फल की तासीर क्या होती हे तो अंगूर फल की तासीर गर्मी होती है 


4 .अंगूर कब खाना चाहिए ?

अंगूर फल कब खाना चाहिए तो अंगूर फल सुबह खाली पेट खाना हमारे शरीर के लिए सबसे ज्यादा लाभदायक होता है और इसके अलावा अंगूर फल दोपहर के समय में खाने से पहले खाने से  हमारे सेहत के लिए अच्छा रहता है। 


5 . अंगूर कितने रंग के होते है ?

अंगूर कितने रंग के होते है तो अंगूर दो तरह के रंग के होते है हलके हरे रंग के और दूसरे काले रंग के होते है। 


6 .अंगूर कहा पाया जाता है ?

हम बात करने वाले है की अंगूर कहा पाया जाता है तो अंगूर के लिए महाराट्र ,तमिलनाडु ,तेलंगाना ,पंजाब और पष्चिम बंगाल की जलवायु अनुकूल है। अंगूर के उप्तादक  में भारत दुनिया मे प्रमुख देशो में शुमार है और भारत अंगूर की विदेशो में काफ़ी मांग रहती है। 


7 .अंगूर का जन्म स्थान क्या है ?

अंगूर का जन्म स्थान क्या है तो अंगूर सबसे पहले रूस में कैस्पियन सागर के पास अर्मेनिया में उतपन हुए थे ये है अंगूर का जन्म स्थान है। 


8 .अंगूर में कौन कौन से गुण पाए जाते है ?

आज हम बात करने वाले है की अंगूर में कौन  कौन से गुण पाए जाते है  तो इसमें विटामिन सी ,विटामिन बी विटामिन ए ,पोटेशियम, कैल्शियम ,फ्लेवोनॉयड्स , एंटीऑसीडेट पाए जाते है। 


अंगूर फल खाने के फ़ायदा 


Grapes Information In Hindi


1 . कोलेस्टॉल ;

अंगूर  खाने में जितना स्वादिष्ट होता है उतना ही सेहत के लिए गुणकारी है इसमें मौजूद एंटी - ऑक्सीडेंट हार्ट अटैक रक्त का काम करते है इसके अलावा ये कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखने में भी मदद कर सकता है। 


2 .इम्युनिटी ;

इम्युनिटी को मजबूत बनाने में मददगार है अंगूर का सेवन अंगूर के सेवन से इम्युनिटी  को मजबूत बनाया जा सकता हे मजबूत इम्युनिटी शरीर को कई संक्रमण से बचाने में मदद कर सकती है। 


3 .आंखो के लिए फ़ायदेमंद  ;

अंगूर में विटामिन ए भरपूर मात्रा पाया जाता है जो आँखों के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है जिन लोंगो को आंखों से जुडी समस्या है वे अपनी डायट में अंगूर को शामिल कर सकते है। 


4 .डायबिटीज के लिए ;

मधुमेह से ग्रसित लोगो को अंगूर का सेवन करना चाहिए ये शरीर में शुगर के लेवल को कम करने का काम करता है इसके अलावा ये आयरन का भी एक बेहतरीन माध्यम है।


5 .दूर करता है एलर्जी ;

कुछ लोग को त्वचा की एलर्जी  सामना करना पड़ता है अंगूर में एंटीवायरल गुण पाए जाते है जो त्वचा संबधित एलर्जी को दूर करने मददगार होते है एंटीवारयल गुण ,पोलियों ,वायरस और हरपीज़ ऐसे वायरस से लड़ने में भी मददग़ार होते है। 


6 .कैंसर से बचने में मददगार ;

अंगूर में ग्लूकोज मैग्नीशियम और साइट्रिक एसिड जैसे कई सारे तत्व पाए जाते है अंगूर टीबी कैंसर और ब्लड -इंफेक्शन जैसी बीमारियो में मुख्य रूप से फ़ायदेमंद होता है अंगूर कैंसर जैसी ख़तरनाक बीमारी से बचाव करने  सहायक है। 


7 .ब्रेस्ट कैंसर की रोकथाम में फायदेमन्द ;

जो लोग दिल की बीमारियो से पीड़ित है उनके लिए अंगूर का सेवन फ़ायदेमंद होता है एक शोध के मुताबिक ब्रेस्ट कैंसर की रोकथाम के लिए अंगूर का सेवन फ़ायदेमंद है। 


8 . कब्ज से सुटकारा पाने के लिए  ;

कब्ज की समस्या से परेशां है  तो अंगूर का सेवन करे कब्ज के अलावा अंगूर को वजन बठाने के लिए भी डाइट में शामिल किया जा सकता है जो लोग दुबलेपन की समस्या से परेशान है उनके लिए अंगूर का सेवन फायदेमंद हो सकता है 


9 .थकान को दूर करने के लिए  ;

जो लोग काम के दौरान जल्दी थक जाते है उन्हें अंगूर का सेवन करना चाहिए अंगूर का सेवन करने से शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है इसके सेवन से शरीर की कमज़ोरी को दूर किया जा सकता है।


अंगूर खाने के नुकशान 

अंगूर फल की जानकारी 2022


1 .वजन बढ़ता है ;

ज़्यादा अंगूर खाने से मोटापा बढ़ सकता है अंगूर काफ़ी मीठी होते है इसमें कैलोरी की मात्रा काफ़ी ज्यादा होती है ज्यादा कैलरी इंटेक की वहज से वजन बढ़ने लगता है अंगूर में विटामिन -के थायमिन ,प्रोटीन फैक्ट फ़ाइबर और कॉपर मौजूद होता है ज़्यादा अंगूर खाने से वज़न बढ़ने का खतरा रहता है। 


2 .किडनी से जुडी समस्या ;

डायबिटीज और किड़नी से जुडी समस्या वाले लोगों को ज्यादा अंगूर नहीं खाने चाहिए इससे क्रोनिक किडनी डिजीज होने का खतरा बढ़ जाता है डायबिटीज के मरीज का ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है अधिक मात्रा में अंगूर खाने से किडनी और डायबिटीज का ख़तरा बढ़ जाता है। 


3 .डायरिया ;

जो लोग जरुरत से ज्यादा अंगूर खाते है उन्हें डायरिया होने का खतरा बढ़ जाता है उन्हें मीठे होने की वजह से पेट से जुडी समस्याए पैदा करता है इसलिए कहा जाता है की पेट ख़राब होने पर ज्यादा मात्रा में अंगूर का सेवन नहीं करना चाहिए। 


4  .प्रेग्नेंसी में परेशानी ;

अंगूर में पोलो फेनोल नाम का तत्व होता हे इससे पेट में पल रहे बच्चे में पैंक्रियाटिक समस्याए देखने को मिल सकती है प्रेग्नेंसी में ज्यादा अंगूर खाने से जेस्टेशन डायबिटीज का भी खतरा भी बढ़ जाता है। 


5 .एलर्जी की समस्या ;

जो लोग ज्यादा अंगूर खाते हे उन्हें हाथ -पेरो में एलर्जी की समस्या भी हो सकती है अंगूर में लिक्विड प्रोटीन ड्रासफर होता है जिससे खुजली, रैशेज,  फेस पर सूजन हो सकती है ज्यादा अंगूर खाने से एनाफिलेक्सिस की समस्या भी हो सहती है। 


''यह पोस्ट पढ़ने के लिए आपका  दिल से धन्यवाद ''


प्राचीन समय में लोग कैसे रहते थे?

 नमस्कार दोस्तों आपका दिल से स्वागत हे तो आज हम बात करने वाले हे की प्राचीन समय ( काल ) में लोग कैसे रहते थे? या फिर प्राचीन समय में लोगो का जीवन कैसा था? आप सभी लोग जानते ही हे की प्राचीन समय में लोग पढ़े - लिखे नहीं थे लेकिन फिर भी उनके वर्तन में, व्यव्हार में, वाणी में, उनके भाव में हमें सिर्फ प्रेम ही दिखाई देता था यानिकि प्राचीन समय में लोगो के पास दिल बड़े थे जबकि आज के समय में लोगो के पास दिल नहीं दिमाग बड़े होते हे , तो दोस्तों आज हम इसी विषय पर बात करने वाले हे मुझे उम्मीद हे की आपको ये पोस्ट जरूर पसंद होगा।


प्राचीन समय के लोग


प्राचीन समय में लोग कैसे रहते थे?

आज के समय में इंसान का जीवनकाल करीबन 60 से 70 साल के आसपास तह का ही होता हे जबकि प्राचीनकाल में कोई भी दवाएं, चिकित्सकीय तकनीक उपलब्ध नहीं थी फिर भी वो लोग 100 साल या उनसे अधिक सालो तक जीवित रहते थे जबकि की आज के समय में सभी दवाएं, तरह - तरह प्रकार की चिकित्सकीय तकनीक उपलब्ध हे फिर भी इंसान पहले से कम साल तक जीवित रहता हे जिसकी मुख्य वजह हे उनकी दिनचर्या होती हे। 


ऋषि मुनियो की दिनचर्या 


आप सभी लोग जानते हे की प्राचीन समय में ऋषि मुनि एकांत में ध्यान साधना करते रहते हे यानिकि उनका समय ज्यादातर एकांत में व्यतीत होता हे और दूसरी बात की ऋषिमुनि पहाड़ो में घने जंगलो में, नदियों के आसपास रहते थे। ऋषि मुनि सुबह करीबन तीन बजे उठने के बाद वो स्त्रान करने वाल वो ध्यान में बैठ जाते हे जिसकी वजह से सुबह की शुद्ध प्राणवायु का संचार होता हे और दूसरा सुबह ऊर्जा का भी संचार होता हे जिसकी वजह से बुद्धि तेज  होती हे और हमारी इम्युनिटी सिस्टम काफी मजबूत बनती हे जिससे कोई भी रोग और बीमारी हमसे दूर ही रहते हे और हमारी आयु भी लम्बी होती हे। हमारे जीवन में फलो का महत्व 


उसके बाद ऋषि मुनि फलो का सेवन करते थे सुबह के खाये हुए फल काफी पौष्टिक होते हे जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेकारक साबित होते हे। उसके बाद वो वेदो का अध्ययन करते हे उसके बाद थोड़ा आराम और फिर से वेदो का अध्ययन करते हे और श्याम के दौरान  फिर से स्त्रान करके ध्यान करते हे और रात के समय भोजन में सिर्फ गाय के दूध का ही सेवन करते हे। 


राजा महाराजा की दिनचर्या 


एक राजा का काम लोगो की सेवा करना, अपने राज्य की रक्षा करना, अपने राज्य की व्यवस्थित रखना होता हे लेकिन फिर भी राजा महाराजा अपनी दिनचर्या को फॉलो करते थे। वो सुबह चार बजे जाते थे उठने के बाद वो स्त्रान करते थे उसके बाद वो योग ध्यान प्राणायाम आदि में लग जाते थे ये क्रिया करीबन दो घंटे तक चलती थी उसके बाद आठ से नव बजे वो फलो का भी काफी सेवन करते थे और फिर दस बजे राज सभा में बैठते थे और अगर राज्य सभा में न बैठते तो युद्ध लड़ने का अध्ययन करते थे जिससे की वो अपनी कला को और भी बहेतर बना सके युद्ध में निपुणता हासिल कर सके उसके बाद वो भोजन करते हे फिर कुछ देर तक आराम करते और फिर शास्त्रों का अध्ययन करते और  श्याम के दौरान फिर से युद्ध का अध्ययन करते थे। और रात के भोजन में हल्का भोजन लेते थे और सो जाते थे। 


प्राचीन लोगो को दिन चर्या समझे वीडियो के माध्यम से



प्राचीन समय के लोगो की विशेषताएं 


प्राचीन समय के लोगो में आध्यात्म भावना का बहुत ही ज्यादा प्रचलन था 

प्राचीन समय में लोग सुबह जल्दी उठना पसंद करते हे। 

अगर हम भोजन के बारे में बात करे तो प्राचीन लोगो का भोजन ज्यादातर फल, सब्जी, मांस, दूध, मक्खन थे 

इस लोगो को जहा भी जाना था ये चलके जाया करते थे जिसकी वजह से उनका शरीर काफी मजबूत होता था।

प्राचीन लोग एकता की भावना से रहते थे।

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बेस्ट 50+ काजल शायरी - Kajal Par Shayari In Hindi

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हर एक लड़की अपनी खूबसूरती को बढ़ाने के लिए अपनी आँखों में काजल लगाना पसंद करती हे जिसे उनकी आँखों में ठंडक रहती हे और साथ - साथ उनकी खूबसूरती भी बढ़ती हे तो आज हम काजल पर शायरी लेकर आये हे हमें उम्मीद हे की आपको ये शायरी जरूर पसंद आएगी।

काजल पर शायरी

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काजल पर शायरी

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चूड़ी पायल बिंदिया काजल 

गजरा सब पड़े रहने दो 

खिंच के बांधो जुल्फों को

मगर एक लट गाल पर रहने दो 


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पहले ये क़ातिल निगाहे से क्या 

कम घायल करती थी मुझे 

सरेआम क़त्ल हो जाता हे मेरा 

जब आप आँखों में काजल लगाते हो

 

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आज फिर महफ़िल में 

क़यामत छा गई 

उसने लगाया था आँखों में काजल 

और बिन बादल बरसाद हो गई


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Kajal shayari In Hindi


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रात की चांदनी भी जल जाये 

जब तू काजल लगाकर आ जाये 

ये दिल भी धड़कना रुक जाता हे 

जब तू काजल लगाकर आये। 


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एक श्याम रंगीन हुई हे 

तुम्हारे आँचल की तरह 

आज फिर सुरमयी रंग सजा हे 

बिलकुल तुम्हारे काजल की तरह


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तुम्हारे आने से हर एक श्याम 

खूबसूरत हो जाती हे 

फिजा भी अपना रंग बदल देती हे 

जब तुम आँखों में काजल लगाती हो 


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तेरी नशीली आँखों का में काजल बन जाऊ 

तेरी आँखों में आंसू का बदल बन जाऊ 

बस उस खुदा से एक ही ख्वाइश हे मेरी की 

तेरे रास्तो के काँटों की में चादर बन जाऊ। 


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Kajal par Shayari 2022

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में तेरी आँखों का वो

काजल बनाना चाहता हु 

जिसे तू सहेज के सजाये 

और बिखरने से बचाये। 


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काजल शायरी २ लाइन 

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होठो पर लाली ,आँखों में काजल

और माथे पर बिंदिया , 

तुम हमारे क़त्ल का पूरा इन्तजाम 

करके महफ़िल में आये हो क्या।  


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ये झुमके , ये काजल , ये बिंदी , ये कंगन 

देख आईने में अक्स में कुछ कम था 

उनकी आँखों में देखा मैने खुद को '

बिन शृंगार के ही नूर था। .


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क्या जरुरत हे आपको तलवार की 

जब काजल आँखों में लगा रखा हे।

 

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गुलाब से गुलाब का रंग तेरे गालो पर आया 

तेरी आँखों ने काली घटा का काजल लगाया 

जवानी जो तुम पर चढ़ी तो नशा मेरी आँखों में आया। 


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kajal shayari 2 line


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इरादा न था तेरा यु मुझसे जुदा होने का 

वरना यु फैला न होता काजल तेरी आँखों का 

संभाकालर रहना अपना हर एक कदम आप 

बिखरे हे फूल मगर ठेस लग जाएगी 

ये आँखों में काजल लगाने का क्या फायदा 

रूप ऐसा हे की नजर लग जाएगी।


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तुम्हारी आँखों में बसी हे 

मासूमियत सारी जहा की 

काजल से उन्हें क्या सजाना 

जो खुद खूबसूरती की पहचान हो 

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तेरी आँखों से काजल 

कभी बहने नहीं देंगे

हम आपसे इतना प्यार करेंगे की 

आपको कभी रोने नहीं देंगे। 


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Aankho ka kajal shayari

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तुम्हारी आँखों में समा जाऊ में 

उस काजल की तरह और तू 

मुझे ढूंढती रह जाएगी 

पागल की तरह।

 

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जो बरस जाये वो बादल ही अच्छे हे 

जो निगाहो को सज़ा दे वो काजल ही सच्चे हे 

हमें पागल ही रहने दो क्योकि हम 

पागल ही अच्छे हे।

याद पर शायरी  

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काजल लगाकर आप महफ़िल 

के अंदाज को अपना बनाने लगे '

हम गाने लगे आपके लिए गजल 

जैसे आप चाँद बनकर हमारे '

लिए रौशनी फैलाने लगे।


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देखकर में उनकी नशीले आँखों में 

कागल की लकीरे 

पहली दफा ये जाना की 

चाँद की खूबसूरती रात से क्यू हे। 


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वो सजती हे सिर्फ तुम्हारे लिए 

उसकी भी तारीफ किया करो 

काजल थोड़ा ऊपर निचे हो 

उसे भी खूबसूरत कहा करो 


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kajal funny Shayari

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होथलाली बढाती हे तुम्हारी 

होठो की खूबसूरती 

बिंदिया बढाती हे तुम्हारी 

माथे की खूबसूरती और 

तुम्हारे आँखों का काजल बढाती हे 

तुम्हारी आँखों की खूबसूरती। 


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तेरे मासूम चहेरे पर ये अदा अच्छी लगती हे 

जिस वक्त आप हँस दे वो दुआ सच्ची लगती हे 

तेरी आँखों में काजल एक लकीर सी बनाता हे 

समंदर पर ये नकाशी अच्छी लगती हे। 


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श्याम की लाली रात का काजल 

और सुबह की तक़दीर हो तुम 

हो चलता फिरता ताजमहल 

सांसे लेता कश्मीर हो तुम 


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बादलो से गिरकर एक काजल का कतरा 

तेरे होठो पर तिल बनकर सज गया 

कभी नजर न गले तुमको किसी की भी 

होठो से निलती थी दुआ आसमानो ने सुन लिया 


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ये काला रंग भी क्या अजीब हे 

आँखों में लग जाये तो काजल 

माथे पर लग जाये तो टिका और 

चरित्र पर लग जाये तो कलंक 


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उधार माँगा हे आज उसने हमारी 

आँखों का काजल अपनी शायरी के लिए 

हमने भी ये शर्त रख दी की 

शायरी हमारी आँखों पर होनी चाहिए। 


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ख़ुशी पर शायरी 

मधुवन खुश्बू देता हे 

सागर सावन देता हे 

जीना उसका जीना हे जो 

आँखों के काजल से 

औरो को जीवन देता हे 


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दिल का दरिया बना के देखो 

अपनी मोहब्बत में जरा पागल बना के देखो 

कितने भी दीवाने होंगे तुम्हारे जरा 

अपनी आँखों में काजल लगा कर देखो। 


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तुम्हारी आँखों से काजल 

कभी बहने नहीं देंगे 

जब तक जान हे इस सांसो में 

हम सिर्फ तेरे ही रहेंगे।


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तेरी ये नशीले आंखे 

और उनमे लगा काजल 

आपको देखते ही हम 

जो जाते हे पागल 


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तुम्हारे खयालो की अंगड़ाइयों में 

मेरी याद के फूल महके तो होंगे 

कभी अपनी आँखों के काजल से तुमने 

मेरा नाम लिखकर मिटाया तो होगा।

 

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उसका काला टिका किसी 

सुदर्शन चक्र से कम नहीं 

माँ एक उँगली काजल से सारी 

बलाये टाल देती हे। 


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तेरी आँखों का यु बिखर हुआ काजल 

इस बात की गवाही देता हे की 

तू भी मुझे हर रोज याद करती हे।

 

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तुम हसी ना सही मुश्कान बनकर तो ज़िन्दगी में आओ 

तुम हकीकत ना सही मोहब्बत बनकर तो ज़िन्दगी में आओ 

तुम गजन ना सही शायरी बनकर तो ज़िन्दगी में आओ 

तुम पास ना सही मगर एहसास बनकर तो ज़िन्दगी में आओ

तुम ज़िन्दगी ना सही मेरा आँखों का काजल बनकर तो ज़िन्दगी में आओ।


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काजल फनी शायरी 

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अक्शर सच्चा प्यार वही हे 

जो आँखों से काजल बहने न दे 

और होठो पर लिपस्टिक रहने न दे 


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सुनो जरा कम रुलाया करो हमें 

क्योकि मेरी आँखों का काजल 

आपके पापा के पैसो से नहीं आता 

प्रेम पर शायरी 

पायल पर शायरी 

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" पढ़ने के लिए आपका दिल से धन्यवाद "