कुदरत – kudarat se sikhe preranadayak bate

 प्रकृति यानिकि कुदरत की हर एक चीज हमें बहुत कुछ सिखाती हे बस हमें उसे समझने की कोशिश करनी चाहिए क्योकि हम जो ज़िन्दगी जीते हे उसमे भी प्रकृति के नियम ही काम करते हे तो दोस्तों आज हम इसी विषय पर बात करने वाले हे की कुदरत से हम ऐसे कौन सी प्रेरणादायक बातें सीखनी चाहिए। मुझे उम्मीद हे की आपको ये पोस्ट जरूर पसंद होगी। 

कुदरत - kudarat se sikhe preranadayak bate

कुदरत – kudarat se sikhe preranadayak bate

1 . नदी 

नदी हमें हमेंशा आगे बढ़ते रहना सिखाती हे जब तक हमें अपनी मंजिल न मिले।

रास्ते में चाहे कितनी भी मुश्केली क्यों न आये लेकिन नदी अपना रास्ता खुद ढूंढ लेती हे वैसे हमें भी अपने जीवन में कितनी भी मुश्केली क्यों न आये लेकिन रुक जाना नहीं हे बल्कि नदी की तरह आगे ही बढ़ना हे। 

जिस प्रकार नदी में लगातार लहरे आती हे वैसे ही हमारे जीवन में भी सुख और दुःख रूपी लहरे लगातार आती रहती हे ये एक वास्तविकता हे जिसे हमें स्वीकारना चाहिए। नदी से क्या सीखना चाहिए 

2 . समुद्र 

प्रकृति से हमें क्या सीखना चाहिए

 

समुद्र की तरह हमें भी शांत रहना चाहिए और शांत वही होता हे जो गहरा होता हे। 

समुद्र से हमें सहनशीलता की सिख मिलती हे यानिकि हमारी ज़िन्दगी में भी कुछ लोग हमारे बारे में बुरा भला कहेंगे , हमें हानि पहुंचाने की कोशिश करेंगे लेकिन हमें उनके बारे में बुरा करना तो क्या बुरा सोचना भी नहीं चाहिए यानिकि हमें समुद्र की तरह अपनी ज़िन्दगी को जिनि चाहिए यानिकि की मेरा कहने का मतलब कोई हमारे लिए बुरा साबित हो सकता हे लेकिन हमे तो उसके लिए अच्छे साबित होकर दिखाना हे। 

कई नदियाँ समुद्र में निरंतर बहती रहती हे लकिन फिर भी समुद्र कभी विचलित नहीं होता वैसे हमारे मन में भी नदी रूपी कई इच्छाए निरंतर आती रहेगी लेकिन हमें अपनी इच्छाओ से विचलित नहीं होना बस अपने मन को शांत रखना हे। 

किनारे बैठकर समुद्र की गहराई मापी नहीं जा सकती वैसे हमें भी किसी इंसान को समझे बिना उनको जाने बिना उसके बारे में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए पहले उसे अच्छी तरह समझना चाहिए वो क्या हे और हम क्या मानते हे इसके अंतर को जानना चाहिए। अधिक जाने 

3 . पवन 

पवन से हमें ये सीखना चाहिए की पवन की तरह हमारा जीवन भी गतिशित हे यानिकि जिस तरह पवन कभी रुकता नहीं हे अपनी ही दिशा में बहता रहता हे ऐसे ही हमारा जीवन भी हमेशा गतिशील हे कभी सुख आये या दुःख हमें पवन की तरह रुकना नहीं चाहिए क्योकि हर एक परिस्थिति हमेंशा के लिए कभी नहीं रहती इस चीज को ध्यान में रखते हुए हमें अपने जीवन को ख़ुशी – ख़ुशी से जीना चाहिए। तूफान 

4 . पहाड़ 

पहाड़ हमें ये सिखाते हे की चाहे कितनी भी कठिन परिस्थिति क्यों न आये लेकिन हमें पीछे हट नहीं करनी चाहिए अपनी परिस्थितियों से भागना नहीं चाहिए बल्कि अड़े रहकर उनका सामना करना चाहिए। 

आपके जूतों में पड़ा कंकड़ आपको आगे बढ़ने से रोकती हे यानिकि पहाड़ की ऊंचाई कभी आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती वैसे हमारी ज़िन्दगी में हमारी परिस्थिति , हमारे हालात हमें आगे बढ़ने से नहीं रोकते लेकिन आपके मन में पैदा होने वाले नकारात्मक विचार ही हमें आगे बढ़ने से रोकते हे। हारा हुआ इंसान जित सकता हे लेकिन मन से हारा हुआ इंसान कभी जित नहीं सकता ये बात हमें पहाड़ से सीखनी चाहिए।

पहाड़ के सामने जब हम आवाज़ लगाते हे तो वही आवाज हमें वापस सुनाई देती हे वैसे हे हम अपनी ज़िन्दगी में जैसे कर्म करेंगे वैसे ही हमें उनका फल भी मिलेगा यानिकि जैसे कर्म वैसा फल ये बात हमें पहाड़ सिखाते हे।

5 . सूर्य 

सूर्य से हमें ये सीखना चाहिए की उजाले को बांटने से कभी उजाले कम नहीं होते। 

अगर हमें भी सूर्य की तरह चमकना हे तो हमें भी सूर्य की तरह समय के हिसाब से चलना होगा और महेनत रूपी आग में खुद को जलना होगा। 

सूर्य एक पिता की तरह हे जो गर्म तो बहुत होता हे लेकिन जब वो ढल जाता हे और चारो और अँधेरा छा जाता हे। 

सूर्य दिशा घूमकर हमें ये सिखाता हे की इंसान चाहे जहा भी रहे लेकिन उसको अपने कर्म को भूलना नहीं चाहिए। 

अगर आप भी अपने जीवन में एक सुन्दर सवेरा देखना चाहते हे तो उसके लिए आपको अँधेरे रूपी रात से लड़ना होगा। 

कुछ समय के लिए सूर्य भी बदलो में छिप जाता हे लेकिन फिर वापस आ जाता हे हमें भी अपने दुःख को कुछ समय तक ही सिमित रखना चाहिए और फिर से एक नई ज़िन्दगी की शरुआत करनी चाहिए।

6 . समय 

जो हमें कोई नहीं सीखा सकता वो हमें समय सीखा देता हे शायद इसलिए समय को गुरु कहा जाता हे। 

समय किसी का इंतजार नहीं करना बस चलता ही रहता हे हमें भी हमारा समय कैसा भी क्यों न लेकिन हमें भी समय की तरह हमेंशा आगे बढ़ते ही रहता हे और एक बात सही समय कभी नहीं आता हे हमें जो समय हे उसको सही बनाकर आगे बढ़ना चाहिए यानिकि सही समय का इंतजार नहीं करना चाहिए।

जब हमारा समय अच्छा होता हे तो हमसे नफरत करने वाले भी प्यार करने लगते हे और जब हमारा समय बुरा होता हे तब हमसे प्यार करने वाले भी नफरत करने लगते हे यानिकि समय से ज्यादा इस ज़िन्दगी मे अपना और पराया कोई नहीं होता। 

लोग हमें सिखाते हे की वक्त बदलता जरूर हे और वक्त हमें सिखाता हे की लोग भी बदलते हे। 

समय तो समय पर भी बदलता हे लेकिन लोग किसी भी वक्त बदल सकते हे। अधिक जाने 

7 . बारिश 

जिस प्रकार बारिश दुसरो की ख़ुशी के लिए खुद को बिखेर देती हे हमें भी खुद को दुसरो के लिए बिखेर देना चाहिए। 

8 . फूल 

कुदरत से हमें क्या सीखना चाहिए

 

जिस प्रकार एक फूल अपना पूरा जीवन दुसरो के लिए न्योछावर कर देता हे वैसे हमें ही अपनी ज़िन्दगी दुसरो के लिए जिनि चाहिए हम किसी का भला न करे तो कोई बात नहीं लेकिन हमसे किसी का बुरा तो नहीं होना चाहिए ये हमें फूल सिखाता हे।

एक कमल का फूल हमें ये सिख देता हे की आपके आसपास चाहे कितने ही बुरे इंसान क्यों न हो लेकिन फिर भी अगर आप में अच्छीई होगी तो आपकी अच्छाई अपनी जगह तलाश कर ही लेंगी। यानिकि आपकी अच्छाई ही आपकी पहचान बन जाएगी। 

फूल में सबको खुश्बू देने की एक अच्छी आदत होती हे और इसी आदत की वजह से लोग फूल को अपने आसपास या उसे पसंद करते हे वैसे हर एक इंसान के अन्दर अच्छी आदतें होनी चाहिए ताकि लोग उसे पसंद करे उसकी इज्जत करे। 

एक फूल हमें अपनी उपयोगिता सिद्ध करना सिखाता हे। 

जिस प्रकार फूल हमेशा अपनी ज़िन्दगी मुस्कुराते हुए बिताता हे और सबको खुश्बू देता हे वैसे हमें भी अपनी ज़िंदगी को मुश्कुराते हुए जीना चाहिए और दुसरो के प्रति अच्छे कर्म करते रहना चाहिए। अधिक जाने 

9 . पानी 

जिस तरह पानी अपना रास्ता खुद ढूंढ लेता हे हमें भी अपना खुद का रास्ता खुद ढूँढना चाहिए यानिकि हमें किसी पर निर्भय नहीं रहना चाहिए ,

आप पानी को किसी भी बर्तन में रखो वो उस बर्तन के हिसाब से खुद को ढल देगा वैसे हमारी ज़िन्दगी में भी कैसी भी परिस्थिति क्यों न आये लेकिन हम उसे परिस्थिति के अनुकूल उसमे खुद को ढाल देना हे। 

पानी किसी की ख़ुशी के लिए जैसे बारिश बनकर बिखर जाता हे वैसे हमें भी दुसरो की ख़ुशी के लिए खुद को बिखेर देता हे। अधिक जाने

10 . पेड़ 

kudarat se sikhe preranadayak bate

 

पेड़ परोपकारी होते हे यानिकि वो दुसरो को फल , फूल लड़की देते हे वैसे हमें भी पेड़ की तरह परोपकारी बनना चाहिए। 

एक पेड़ की पत्तिया जब गिरती हे तब हमें ये बताती हे जब हम बोझ लगने लगते हे तो अपने भी हमें छोड़ देते हे। 

जिस प्रकार जंगलो से बड़े से बड़े तूफान भी थम जाते हे वैसे अगर हम सब साथ मिलकर रहेंगे तो बड़ी सी बड़ी मुश्केली भी टल जाएगी। 

कोई इंसान पेड़ को हानि पहुंचाता हे फिर भी पेड़ उसे फल , फूल देता हे वैसे हमें भी किसी के बुरा बर्ताब से हमें भी उनके साथ ऐसा नहीं करना चाहिए बल्कि सबके साथ अच्छा बर्ताव करना चाहिए।

***************