एक साधु की प्रेरणदायी हिंदी कहानी - Best Hindi Story Writing

जब कोई नजर नहीं आता तब एक खुदा ही नजर आता हे तो दोस्तों आज हम एक साधु की प्रेरणादायी कहानी के बारे में बात करने वाले हे। ये कहानी एक साधु की हे जिसको भगवान पर बहुत भरोसा था उसके हिसाब से भगवान जो करता हे वो अच्छा ही करता हे। तो दोस्तों मुझे उम्मीद हे की आपको ये पोस्ट जरूर पसंद होगी। 

एक साधु की प्रेरणादायी हिंदी कहानी


साधु की प्रेरणादायी हिंदी कहानी 

एक दिन की बात हे एक साधु बारिश के मौसम में एक गांव में से दूसरे गांव जा रहे थे तब अचानक रास्ते में बारिश होना शरू हो गया बारिश से बचने के लिए साधु एक पेड़ की निचे चले गए और जब बारिश आना बंध हुआ तब फिर से अपनी मस्ती में वो आगे चलने लगे।

रास्ते में चलते - चलते साधु ने एक समोसे की दूकान देखि उनको भूख भी बड़ी जोर से लगी थी, दूकान को देखकर साधु उस दूकान के पास पहुंचकर दुकानदार से कहने लगे की मुझे बड़ी भूख लगी हे आपके पास कुछ बचा हो तो आप मुझे खाना देने की कृपा करे दुकानदार साधु की आवाज सुनकर तुरंत बोल पड़ा हां साधु महाराज आप बैठो में आपके लिए अभी गरमा - गरम समोसे लाता हु थोड़ी देर बाद वो दुकानदार साधु के लिए गरमा - गरम समोसे लेकर आया साधु में समोसे खाये और आकाश की तरह अपना मुँह रखकर भगवान से कहा भगवान सबका भला करना और वहा से चलने लगे।

साधु अपने मस्ती में रास्ते पर पानी उछालते हुए जा रहे थे तब वही पर एक नवदम्पति भी रास्ते से गुजर रहे थे ये बात साधु को पता नहीं थी क्योंकि वो अपनी मस्ती में थे इसलिए साधु ने जैसे पानी उछाला वो पानी वो नवदम्पति पर जा गिरा जिसकी वजह से उनने कपडे गंदे हो गए जिसकी वजह से वो युवक साधु पर बहुत ही गुस्से हुआ और साधु को दो थप्पड़ मार दिया और बहुत कुछ कहने लगा साधु ने आकाश की और देखा और कहा वाह प्रभु तेरी माया कभी गरमा - गरम समोसा तो कभी गरमा - गरम थप्पड़ वाह तेरी माया ऐसा बोलकर अपनी मस्ती में वो अपने रास्ते पर चलने लगा। वो कपल भी अपने रास्ते पर चलने लगा थोड़ी देर बाद वो अपने घर में प्रवेश करते हे तब बारिश की वजह से सीडी की फिसलन की वजह से उस नवयुवक का पैर फिसल गया और उसका सिर दीवाल पर टकराया जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई ये देखकर उसकी पत्नी जोर - जोर से चिल्लाने लगी जिसकी वजह से कई लोग इख्ठ्ठे हो गए तब भीड़ देखकर वो साधु भी वहां पहुंच गया तब उस साधु को देखकर उस युवक की पत्नी कहने लगी की इस साधु की वजह से मेरे पति की मौत हो गई रास्ते में जब उन्होंने इस साधु को थप्पड़ मारा था तब इस साधु ने उनको श्राप दिया था जिसकी वजह से मौत हो गई ये सब सुनकर सब लोग उस साधु पर गुस्से हो गए तब वो साधु कहने लगा की इसमें मेरी कोई गलती नहीं हे। ये सब भगवान के आधीन हे क्योकि गंदा पानी जब तुम्हारे पर गिरा तो तुम्हारे पति को ये बिलकुल नहीं पसंद आया तो कोई भगवान के भक्त को थप्पड़ मारे ये भगवान को कैसे पसंद आएगा यानिकि जब तुम्हारे पति को ये अच्छा नहीं लगा तो मेरे भगवान को कैसे अच्छा लगता जब कोई उसके भक्त को थप्पड़ मारे। जैसे तुम्हारी रखवाली तुम्हारा पति करता हे वैसे मेरी रखवाली मेरा खुदा करता हे अब तुम ही सोचो इसमें मेरी कोई गलती हे और मैने कोई श्राप भी नहीं दिया हे। 

कहानी की सिख : 

जब हमें अपने भगवान पर भरोसा होता हे तब सब कुछ अच्छा ही होता हे बस हमें अच्छे कर्म करते रहना चाहिए और भगवान पर भरोसा रखना चाहिए।

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