पायल शायरी – Payal Shayari In Hindi With Image

पायल पर शायरी

 

मेरी गली से आहिस्ता आहिस्ता 

गुज़रा करो,

मुझे तेरी पायल छम छम करके

जगा देती है।

 

 

कोई झोंका जो गुजरे आंगन से चाल

तेरी दिखाई देती है,

सीढ़ियों से उतरती शाम को तेरी पायल

सुनाई देती है।

 

 

में आशिक़ आपके पायल की आवाज़

सुनाने को परेशान हु,

और आपको धीरे चलने की आदत है।

 

 

छनकती पायलो का कसूर कम नहीं है,

पर इश्क में जान देने का दस्तूर

अब नहीं है।

 

 

यु तो हम भी अनमोल थे मगर आपके

पायल के सामने,

हमारी कीमत जरा कम पड़ गयी।

 

 

पायल की रुनझुन नहीं पिया ये मेरे

दिल का शोर है।

जैसे मिलने को आतुर इक दूजे से

दोनों पैरों की पाजेब है।

 

 

आप अपने पायल की झंकार न 

सुनाया करो,

हमारे दिल में हमेशा आपकी यादों

के घुंगरू बजते है।

 

 

उसके पैरों की पायल के घुंघरू की आवाज़

अपना काम कर गई,

बनकर मेरी जिंदगी का संगीत मेरे दिल

की आवाज़ बन गई।

 

 

उसकी उम्र के काबिल क्या हुई उसके

पायल भी इश्क का रंग लेने लेगे।

 

भले ही अब हमारा कोई रिश्ता नहीं है,

पर आज वी वो मेरी दी होई पायल

अपने पैरों में पहनती है।

 

 

मैंने तोहफ़े में कबूल कर ली है पायल

अब जब भी में चलूँगी,

उसका इश्क छम छम करेगा।

 

 

उनकी चाल ही काफी थी इस दिल के

होश उड़ाने के लिए,

अब तो हद हो गई जब से वो पाँव में

पायल पहनने लगे।

 

 

नहीं पसंद चुड़ी ना बिन्दी ना आंखो 

में काजल,

मुझे शौक है बस पहनने का तेरी दी

हुई पायल।

 

 

वो पायल नहीं पहनती पाँव में बस एक

काले घागे से कहर बरसाती है।

 

 

पगली मैं तुम्हारी पायल की झंकार

सुनने के लिए बेताब हूं।

और तुम्हे आदत है घीरे चल कर

आने की।

पायल को रोकूं तो कंगना शोर मचाता है,

दिल के हर कोने में उनका इश्क ही

छया है।

 

 

पायलो की छनक में अब वो बात नहीं,

क्योंकि मेरा महबूब अब मेरे

साथ नहीं।

 

जब उनके आने की आहट आती है

उनके पायल की आवाज़ मदहोशी

लाती है।

 

उसके पैर की एक पायल ने ही सबको

पागल बना रखा है,

खुदा का शुक्र है की उसने दोनों पैरों

में पायल नहीं पहनी।

 

 

पायल कभी न खोल दे साजन दिल

का राज दूर दूर तक जाएगी घुंघरू 

की आवाज़।

 

छम छम करती पायल तेरी कानों में

रस घोल गई,

तू तो राधे कुछ ना बोली तेरी झांझर

कान्हा कान्हा बोल गई।

 

सुन रहे हो तुम कुछ कहना है आज

उनकी पायल खो गई है तभी आज

शहर में अन्नटा है।

 

 

छनकती पायलो की भी अदाए है

दीवानों को पागल बनाने में इनकी भी

खताएं है।

 

उसके जाने के बाद जीने की आस झूट

गई अब क्या सवरते अब तो पैरों

की पायल भी टूट गई।

 

पायल मेरी जादू जगाती है, तब मेरे

दिल में संगीत के सुर सजते है।